SSC CGL 2026 Exam Pattern: Tier-1 और Tier-2 की पूरी जानकारी
स्टाफ
सिलेक्शन कमीशन (SSC) हर साल Combined Graduate Level (CGL) परीक्षा के
माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और
कार्यालयों में ग्रुप B और ग्रुप C के
पदों पर भर्ती करता है। SSC CGL 2026 की परीक्षा भी दो चरणों
यानी Tier-1 और Tier-2 में आयोजित की
जा रही है। अगर आप भी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो सबसे पहले आपको इसका
पूरा एग्जाम पैटर्न, मार्किंग स्कीम और निगेटिव मार्किंग
समझना बहुत जरूरी है, ताकि आप एक सही स्ट्रैटेजी के साथ तैयारी
शुरू कर सकें।
इस
आर्टिकल में हम SSC CGL
2026 Tier-1 और Tier-2 के पूरे पैटर्न को आसान
भाषा में समझेंगे।
SSC CGL 2026 परीक्षा का चयन प्रक्रिया
(Selection Process)
SSC CGL भर्ती प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में पूरी होती है:
- Tier-1 – क्वालिफाइंग
नेचर का पेपर, सभी पदों के लिए अनिवार्य
- Tier-2 – मुख्य
स्कोरिंग पेपर, फाइनल मेरिट इसी पर आधारित होती है
कुछ खास
पदों (जैसे Tax
Assistant) के लिए Tier-2 के दौरान ही एक Data
Entry Skill Test (DEST) भी आयोजित किया जाता है, जो क्वालिफाइंग नेचर का होता है।
ध्यान
देने वाली बात यह है कि Tier-1 के मार्क्स फाइनल मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़े जाते — यह सिर्फ Tier-2
के लिए क्वालिफाई करने के लिए होता है। आपकी असली रैंकिंग और
सिलेक्शन Tier-2 के स्कोर पर ही निर्भर करती है।
SSC CGL Tier-1 Exam Pattern 2026
Tier-1 परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में ऑनलाइन
आयोजित होती है। इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं,
जिनके लिए कुल 200 अंक निर्धारित हैं और पूरी
परीक्षा को हल करने के लिए उम्मीदवारों को 60 मिनट का समय
मिलता है।
Tier-1 में चार सेक्शन होते हैं, और हर सेक्शन में 25
प्रश्न होते हैं जिनके 50 अंक होते हैं:
|
सेक्शन |
प्रश्नों की संख्या |
अंक |
|
General
Intelligence & Reasoning |
25 |
50 |
|
General
Awareness |
25 |
50 |
|
Quantitative
Aptitude |
25 |
50 |
|
English
Comprehension |
25 |
50 |
|
कुल |
100 |
200 |
Tier-1 की मुख्य बातें
- परीक्षा
पूरी तरह ऑनलाइन (CBT)
मोड में होती है।
- हर
सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाते हैं।
- गलत
उत्तर देने पर 0.50
अंक काटे जाते हैं (निगेटिव मार्किंग)।
- जो
प्रश्न हल नहीं किए जाते (छोड़े जाते हैं), उनके लिए कोई निगेटिव मार्किंग
नहीं होती।
- इस
साल से हर सेक्शन के लिए अलग-अलग 15 मिनट की सेक्शनल टाइमिंग लागू
कर दी गई है, यानी एक सेक्शन का समय खत्म होने के बाद
आप दूसरे सेक्शन पर वापस नहीं जा सकते।
- सभी
प्रश्न इंग्लिश और हिंदी दोनों भाषाओं में होते हैं, सिवाय English
Comprehension सेक्शन के।
- Tier-1 सिर्फ
क्वालिफाइंग होता है, इसके मार्क्स फाइनल सिलेक्शन में
नहीं गिने जाते।
SSC CGL Tier-2 Exam Pattern 2026
Tier-2 ही वह स्टेज है जो आपकी फाइनल मेरिट और पोस्ट तय करता है, इसलिए इसकी तैयारी सबसे ज्यादा गंभीरता से करनी चाहिए। Tier-2 में दो पेपर होते हैं:
- Paper-I – सभी पदों के
लिए अनिवार्य
- Paper-II – केवल Junior
Statistical Officer (JSO) और Statistical Investigator
Grade-II जैसे स्टैटिस्टिक्स से जुड़े पदों के लिए
Tier-2 Paper-I की संरचना
Paper-I को मुख्यतः तीन सेक्शनों में बांटा गया है:
|
सेक्शन |
विषय |
|
Section-I |
Mathematical
Abilities & Reasoning |
|
Section-II |
English
Language & General Awareness |
|
Section-III,
Module-I |
Computer
Knowledge |
|
Section-III,
Module-II |
Data
Entry Skill Test (DEST) |
Paper-I की कुल समय अवधि लगभग 2 घंटे 30 मिनट होती है और यह दो सेशन में आयोजित किया जाता है। इस साल से Section-I
और Section-II के लिए अलग-अलग फिक्स्ड टाइम
विंडो लागू कर दी गई है, यानी एक सेक्शन का समय बचने पर भी
वह दूसरे सेक्शन में ट्रांसफर नहीं होगा।
Tier-2 Paper-II (केवल JSO/SI पदों के लिए)
Paper-II खास तौर पर स्टैटिस्टिक्स से जुड़े पदों के लिए होता है और इसमें 100
प्रश्न कुल 200 अंकों के लिए पूछे जाते हैं।
Tier-2 की निगेटिव मार्किंग
Tier-2 की निगेटिव मार्किंग Tier-1 के मुकाबले काफी सख्त
होती है:
- Paper-I के Section-I,
Section-II और Section-III के Module-I
में हर गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाता है।
- Paper-II में
हर गलत उत्तर पर 0.50 अंक काटे
जाते हैं।
इसलिए जो
स्ट्रैटेजी आपने Tier-1 में अपनाई थी, उसे Tier-2 में
बिना सोचे दोहराना नुकसानदायक हो सकता है। Tier-2 में सिर्फ
उन्हीं प्रश्नों को हल करें जिनके बारे में आप वास्तव में आश्वस्त हैं।
Data Entry Skill Test (DEST)
कुछ पदों
जैसे Tax
Assistant (CBDT व CBIC) के लिए DEST अनिवार्य होता है। यह क्वालिफाइंग नेचर का टेस्ट है, यानी इसके मार्क्स फाइनल मेरिट में नहीं जुड़ते, लेकिन
इसे पास करना जरूरी होता है। इसमें उम्मीदवार को एक तय समय (15 मिनट) में एक पैसेज कंप्यूटर पर टाइप करना होता है, और
आवश्यक टाइपिंग स्पीड लगभग 8000 key depressions प्रति घंटा
होती है।
SSC CGL Tier-1 और Tier-2 का तुलनात्मक विश्लेषण
|
बिंदु |
Tier-1 |
Tier-2 |
|
नेचर |
क्वालिफाइंग |
स्कोरिंग
(फाइनल मेरिट का आधार) |
|
कुल
प्रश्न |
100 |
विषयानुसार
अलग |
|
कुल अंक |
200 |
Paper-I
लगभग 450 अंक, Paper-II 200 अंक (लागू पदों के लिए) |
|
समय |
60 मिनट |
लगभग 2 घंटे 30 मिनट (Paper-I) |
|
निगेटिव
मार्किंग |
0.50 अंक प्रति गलत उत्तर |
1 अंक (Section I, II, III-Module I) / 0.50 अंक (Paper-II) |
|
मोड |
ऑनलाइन CBT |
ऑनलाइन CBT |
SSC CGL 2026 के लिए तैयारी के कुछ
जरूरी टिप्स
- सेक्शनल
टाइमिंग को ध्यान में रखकर प्रैक्टिस करें – अब हर सेक्शन
का समय फिक्स है, इसलिए मॉक टेस्ट भी इसी पैटर्न पर
दें।
- निगेटिव
मार्किंग को समझें – बिना सोचे गेसिंग करना
नुकसानदायक हो सकता है, खासकर Tier-2 में जहां पेनाल्टी ज्यादा है।
- एक्यूरेसी
पर फोकस करें – ज्यादा प्रश्न अटेम्प्ट करने से बेहतर है सही प्रश्न हल करना।
- Tier-1 के साथ Tier-2
के लेवल को भी ध्यान में रखें – खासकर Maths
और English में, क्योंकि
यही दो विषय रैंक में सबसे बड़ा फर्क लाते हैं।
- रेगुलर
मॉक टेस्ट दें – इससे टाइम मैनेजमेंट और एक्यूरेसी दोनों में सुधार होगा।
- DEST की
प्रैक्टिस अलग से करें – यदि आपका टारगेट पद Tax
Assistant जैसा है, तो टाइपिंग स्पीड पर
पहले से काम शुरू कर दें।
निष्कर्ष (Conclusion)
SSC CGL
2026 की तैयारी शुरू करने से पहले इसका एग्जाम पैटर्न पूरी तरह
समझना बहुत जरूरी है। Tier-1 आपके लिए सिर्फ क्वालिफाइंग
स्टेज है, जबकि आपकी असली रैंक और पोस्ट Tier-2 के परफॉर्मेंस से तय होती है। इसलिए दोनों चरणों के लिए संतुलित तैयारी
करें, निगेटिव मार्किंग का ध्यान रखें और रेगुलर प्रैक्टिस
के साथ अपनी स्पीड और एक्यूरेसी दोनों में सुधार लाएं।
Disclaimer:
ऊपर दी गई जानकारी विभिन्न उपलब्ध स्रोतों के आधार पर तैयार की गई
है। सटीक और अंतिम जानकारी के लिए कृपया SSC की आधिकारिक
वेबसाइट ssc.gov.in पर जारी नोटिफिकेशन जरूर देखें।
FAQs
Q1. SSC
CGL Tier-1 की परीक्षा कितने अंकों की होती है? SSC CGL Tier-1 की
परीक्षा 100 प्रश्नों की होती है, जिसके
कुल 200 अंक होते हैं।
Q2. क्या SSC CGL Tier-1 के मार्क्स फाइनल मेरिट में
जोड़े जाते हैं? नहीं, Tier-1 सिर्फ क्वालिफाइंग होता
है। फाइनल मेरिट केवल Tier-2 के अंकों पर आधारित होती है।
Q3. SSC
CGL Tier-1 में निगेटिव मार्किंग कितनी है? Tier-1 में हर गलत
उत्तर के लिए 0.50 अंक काटे जाते हैं।
Q4.
Tier-2 Paper-I में निगेटिव मार्किंग कितनी है? Paper-I के Section-I,
Section-II और Section-III के Module-I
में हर गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाता है।
Q5.
Tier-2 Paper-II किसके लिए होता है? Tier-2 Paper-II केवल
Junior Statistical Officer (JSO) और Statistical
Investigator Grade-II जैसे स्टैटिस्टिक्स से जुड़े पदों के
उम्मीदवारों के लिए होता है।
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