University Admission 2026: आज से शुरू हुई DU, BHU, UPTAC की Counselling — तुरंत देखें पूरी लिस्ट और Latest Date

 




दोस्तों, अगर आप भी इस साल किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। University Admission 2026 और Counselling 2026 Latest Update के तहत जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में देश की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज़ की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है या शुरू होने वाली है। DU Counselling 2026, BHU Admission 2026, UPTAC Counselling 2026 और UP B.Ed. JEE Counselling जैसे सर्च टर्म्स इन दिनों सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन, च्वाइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट का पूरा शेड्यूल जारी हो गया है, इसलिए अगर आपने अभी तक अपने डॉक्यूमेंट तैयार नहीं किए हैं, तो आज ही तैयार कर लीजिए। इस पोस्ट में हम आपको उन सभी यूनिवर्सिटीज़ की पूरी लिस्ट, तारीखें और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे, ताकि आपका एडमिशन अपडेट कभी मिस न हो।

यूनिवर्सिटी / काउंसलिंग बॉडी स्टेटस
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) UG - CUET काउंसलिंग 27 जून 2026 से शुरू
DU PG एडमिशन (CSAS पोर्टल) मिड एंट्री विंडो 2 जुलाई से एक्टिव
UP B.Ed. JEE काउंसलिंग (बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी) 1 जुलाई 2026 से रजिस्ट्रेशन शुरू
UPTAC / AKTU काउंसलिंग च्वाइस फिलिंग 4 जुलाई से
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना

1. दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) UG काउंसलिंग 2026

दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट कोर्सेज़ के लिए CUET UG के आधार पर काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन 27 जून 2026 से शुरू हो चुका है। यह प्रक्रिया CSAS (Common Seat Allocation System) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होती है। जिन छात्रों ने CUET UG 2026 दिया है और पास किया है, वे अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकते हैं।

जरूरी बातें:

  • DU CSAS पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए CUET एप्लीकेशन नंबर जरूरी है।
  • कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता क्रम में भरनी होती है।
  • सीट अलॉटमेंट CUET स्कोर, कैटेगरी और प्राथमिकता के आधार पर होता है।
  • रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान समय पर करना जरूरी है, स्क्रीनशॉट जरूर रखें।

2. DU PG एडमिशन 2026 - मिड एंट्री विंडो और मेरिट लिस्ट

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज़ के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपग्रेड विंडो 30 जून को एक्टिव कर दी थी और मिड एंट्री विंडो 2 जुलाई 2026 से खुल गई है। तीसरी मेरिट लिस्ट 6 जुलाई 2026 को जारी होने की संभावना है। यह पूरी प्रक्रिया CUET PG स्कोर के आधार पर होती है।

जिन छात्रों को पहली या दूसरी मेरिट लिस्ट में सीट नहीं मिली, वे मिड एंट्री विंडो के दौरान अपना आवेदन अपडेट कर सकते हैं या नए कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं। पोर्टल पर बार-बार लॉगिन करके अपडेट चेक करते रहें क्योंकि तारीखों में बदलाव हो सकता है।

3. UP B.Ed. JEE काउंसलिंग 2026 - रजिस्ट्रेशन शुरू

उत्तर प्रदेश बीएड जेईई 2026 का रिजल्ट आने के बाद बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी ने काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। राउंड 1 की मुख्य काउंसलिंग 1 जुलाई 2026 से दो चरणों में शुरू हुई है:

फेज़ रैंक रेंज
फेज़ 1 स्टेट रैंक 1 से 1,50,000 तक
फेज़ 2 स्टेट रैंक 1,50,001 से आखिरी रैंक तक

काउंसलिंग फीस ₹750 और एडवांस इंस्टीट्यूट फीस ₹5000 तय की गई है। कुल पांच राउंड में यह प्रक्रिया पूरी होगी - मुख्य काउंसलिंग, सेकंड राउंड, पूल काउंसलिंग, डायरेक्ट एडमिशन और माइनॉरिटी सीटों पर डायरेक्ट एडमिशन। पूल काउंसलिंग अगस्त में शुरू होगी।

ध्यान रखें: बैंक अकाउंट सिर्फ उम्मीदवार, उनके पिता या माता के नाम का ही मान्य होगा। जनधन खाते में रिफंड नहीं आ सकता, इसलिए सही अकाउंट डिटेल्स भरें।

4. UPTAC / AKTU काउंसलिंग 2026 - च्वाइस फिलिंग शुरू

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) द्वारा संचालित UPTAC काउंसलिंग का शेड्यूल भी रिवाइज हो चुका है। यह काउंसलिंग B.Tech, B.Arch, BBA, BCA, B.Pharm जैसे कोर्सेज़ में एडमिशन के लिए JEE Main, CUET और NATA स्कोर के आधार पर होती है।

  • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: 2 जुलाई तक
  • ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग और लॉकिंग: 4 जुलाई से 7 जुलाई तक
  • राउंड 1 सीट अलॉटमेंट: 9 जुलाई 2026

जिन छात्रों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, वे uptac.samarth.edu.in पोर्टल पर जाकर तुरंत प्रक्रिया पूरी करें। च्वाइस फिलिंग में हमेशा अपने टॉप कॉलेज को सबसे ऊपर रखें, क्योंकि सिस्टम ऊपर से नीचे की क्रम में ही अलॉटमेंट करता है।

5. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) काउंसलिंग

BHU में CUET UG के आधार पर एडमिशन के लिए काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से BHU की आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें, क्योंकि तारीखों की पुष्टि आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद ही मानी जाएगी।

6. मणिपाल यूनिवर्सिटी (MET) काउंसलिंग 2026

इंजीनियरिंग में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (MAHE) की काउंसलिंग प्रक्रिया भी चल रही है। यह प्रक्रिया मणिपाल एंट्रेंस टेस्ट (MET) की रैंक के आधार पर होती है और इसमें MIT मणिपाल, SMIT सिक्किम, मणिपाल यूनिवर्सिटी जयपुर और MIT बेंगलुरु जैसे कैंपस शामिल हैं। रजिस्ट्रेशन, च्वाइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट, फीस भुगतान और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद ही एडमिशन फाइनल होता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी रैंक के अनुसार पात्रता जरूर जांच लें, क्योंकि न्यूनतम 50% अंक और तय विषयों (फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री/बायोटेक्नोलॉजी/बायोलॉजी/कंप्यूटर साइंस और इंग्लिश) में पास होना अनिवार्य है।

7. अन्य राज्यों की यूनिवर्सिटीज़ में भी काउंसलिंग जोरों पर

सिर्फ उत्तर प्रदेश और दिल्ली ही नहीं, बल्कि देशभर के कई राज्यों में इसी समय काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है। राज्य स्तरीय टेक्निकल यूनिवर्सिटीज़, कृषि विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेजों में भी जुलाई-अगस्त के दौरान एडमिशन राउंड चलते हैं। जिन छात्रों ने कृषि से जुड़े कोर्सेज़ (B.Sc Agriculture, M.Sc Agriculture) के लिए आवेदन किया है, उन्हें अपनी संबंधित कृषि यूनिवर्सिटी जैसे CCS यूनिवर्सिटी मेरठ या ICAR से जुड़े संस्थानों की वेबसाइट पर नियमित नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वहां भी मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग शेड्यूल इसी दौरान जारी होता है। इसी तरह पॉलिटेक्निक, बीएड और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज़ में भी राज्य स्तर पर काउंसलिंग बोर्ड अलग-अलग समय पर नोटिफिकेशन जारी करते रहते हैं।

काउंसलिंग के दौरान होने वाली आम गलतियां

हर साल लाखों छात्र काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अच्छी सीट हाथ से निकल जाती है। नीचे कुछ सामान्य गलतियां बताई गई हैं, जिनसे बचना बहुत जरूरी है:

  • कम च्वाइस भरना: बहुत से छात्र सिर्फ 5-10 कॉलेज ही चुनते हैं, जबकि जितनी ज्यादा च्वाइस भरेंगे, अलॉटमेंट के उतने ज्यादा मौके मिलेंगे।
  • गलत क्रम में प्राथमिकता देना: कई छात्र अपने सपनों के कॉलेज को नीचे और बैकअप कॉलेज को ऊपर रख देते हैं, जिससे सिस्टम पहले ही निचली प्राथमिकता वाले कॉलेज में सीट अलॉट कर देता है।
  • डेडलाइन के आखिरी दिन का इंतजार करना: सर्वर पर लोड बढ़ने से वेबसाइट स्लो हो सकती है या डाउन भी हो सकती है, इसलिए हमेशा डेडलाइन से एक-दो दिन पहले काम पूरा कर लें।
  • पुराना या अमान्य सर्टिफिकेट अपलोड करना: कई काउंसलिंग बोर्ड तय तारीख के बाद बने सर्टिफिकेट ही मान्य करते हैं, इसलिए तारीख जरूर जांच लें।
  • फीस भुगतान की पुष्टि न रखना: पेमेंट के बाद स्क्रीनशॉट और रसीद जरूर सेव करें, ताकि किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में सबूत के तौर पर काम आ सके।

रिपोर्टिंग और एडमिशन कन्फर्मेशन प्रक्रिया

सीट अलॉट होने के बाद सिर्फ पोर्टल पर सीट दिखना ही काफी नहीं है, बल्कि तय समय सीमा में एडमिशन कन्फर्म करना भी उतना ही जरूरी है। ज्यादातर यूनिवर्सिटीज़ में यह प्रक्रिया दो चरणों में होती है:

  • ऑनलाइन रिपोर्टिंग: सीट स्वीकार करने के लिए पोर्टल पर एक्सेप्टेंस फीस जमा करनी होती है।
  • फिजिकल/डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: कुछ यूनिवर्सिटीज़ में कॉलेज जाकर या ऑनलाइन मोड में असली डॉक्यूमेंट दिखाने होते हैं।

अगर तय समय में रिपोर्टिंग नहीं की जाती, तो अलॉट की गई सीट रद्द हो सकती है और जमा की गई फीस भी वापस नहीं मिलती। इसलिए सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट आते ही तुरंत पोर्टल चेक करें और आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी करें।

काउंसलिंग के अलग-अलग राउंड को समझें

ज्यादातर यूनिवर्सिटीज़ में काउंसलिंग एक ही राउंड में पूरी नहीं होती, बल्कि कई चरणों में चलती है। इन्हें समझना छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद रहता है:

राउंड विवरण
मुख्य/राउंड 1सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए पहला अलॉटमेंट राउंड
अपग्रेड/मिड एंट्रीबेहतर सीट पाने या नए सिरे से आवेदन करने का मौका
पूल काउंसलिंगपहले राउंड के बाद खाली रह गई सीटों के लिए
स्पॉट राउंडअंतिम चरण में बची हुई सीटों के लिए तुरंत अलॉटमेंट

इसलिए अगर आपको पहले राउंड में मनचाही सीट नहीं मिलती, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। अगले राउंड्स में अच्छे कॉलेज की सीट खाली होने पर आपको मौका मिल सकता है, बशर्ते आपने अपनी च्वाइस लिस्ट सही तरीके से भरी हो।

काउंसलिंग के दौरान अपडेट कहां से चेक करें

हर यूनिवर्सिटी की काउंसलिंग प्रक्रिया अलग पोर्टल और अलग समयसीमा पर चलती है, इसलिए भ्रम से बचने के लिए हमेशा संबंधित यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक नोटिस बोर्ड और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर ही भरोसा करें। किसी भी अनाधिकारिक वेबसाइट या मैसेज पर फीस जमा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि एडमिशन सीजन में फ्रॉड और फर्जी वेबसाइटों के मामले भी सामने आते हैं। हमेशा अपने रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड को सुरक्षित रखें और किसी के साथ शेयर न करें।

काउंसलिंग के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

किसी भी यूनिवर्सिटी की काउंसलिंग में शामिल होने से पहले नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें, ताकि आखिरी समय में कोई परेशानी न हो:

क्रम डॉक्यूमेंट
110वीं और 12वीं की मार्कशीट
2प्रवेश परीक्षा (CUET/JEE/UPTAC) का स्कोरकार्ड
3आधार कार्ड / फोटो पहचान पत्र
4जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
5पासपोर्ट साइज फोटो
6माइग्रेशन सर्टिफिकेट और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट
7डोमिसाइल सर्टिफिकेट (राज्य कोटे के लिए)

काउंसलिंग में आवेदन कैसे करें - स्टेप बाय स्टेप

  1. पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें: अपनी संबंधित यूनिवर्सिटी के आधिकारिक काउंसलिंग पोर्टल पर जाकर एप्लीकेशन नंबर और अन्य डिटेल्स से लॉगिन करें।
  2. फीस का भुगतान करें: काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन जमा करें और रसीद डाउनलोड कर लें।
  3. डॉक्यूमेंट अपलोड करें: स्कैन किए हुए सभी डॉक्यूमेंट्स तय साइज और फॉर्मेट में अपलोड करें।
  4. च्वाइस फिलिंग करें: अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स को प्राथमिकता क्रम में भरें। पहले सरकारी और टॉप कॉलेज को रखें।
  5. प्राथमिकताएं लॉक करें: डेडलाइन से पहले अपनी लिस्ट को ध्यान से जांचकर लॉक कर दें, क्योंकि लॉक होने के बाद बदलाव संभव नहीं होता।
  6. सीट अलॉटमेंट चेक करें: रिजल्ट आने पर पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी अलॉटेड सीट देखें और तय समय में रिपोर्टिंग करें।

कुछ जरूरी टिप्स

  • डेडलाइन का इंतजार न करें, रजिस्ट्रेशन और च्वाइस फिलिंग समय से पहले पूरा करें ताकि सर्वर की समस्या से बचा जा सके।
  • हर यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें, क्योंकि तारीखें बदल भी सकती हैं।
  • अलॉटेड सीट पर रिपोर्टिंग न करने पर इंस्टीट्यूट फीस वापस नहीं होती, इसलिए समय पर एक्शन लें।
  • अगर पहले राउंड में सीट नहीं मिली तो निराश न हों, स्पॉट राउंड और पूल काउंसलिंग में भी मौका मिलता है।
  • सभी डॉक्यूमेंट्स की कम से कम दो फोटोकॉपी अपने पास रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: क्या CUET क्वालीफाई करने से एडमिशन पक्का हो जाता है?

नहीं, सिर्फ CUET क्वालीफाई करने से एडमिशन गारंटी नहीं मिलती। अंतिम चयन मेरिट, रिजर्वेशन, सीट उपलब्धता और यूनिवर्सिटी के नियमों पर निर्भर करता है।

प्रश्न 2: अगर सीट खाली रह जाए तो क्या होता है?

अगर नियमित राउंड के बाद भी सीटें खाली रहती हैं, तो यूनिवर्सिटी स्पॉट काउंसलिंग आयोजित कर सकती है।

प्रश्न 3: च्वाइस फिलिंग में गलती हो जाए तो क्या करें?

लॉकिंग से पहले तक आप अपनी प्राथमिकताएं बदल सकते हैं, लेकिन एक बार लॉक होने के बाद कोई बदलाव संभव नहीं होता, इसलिए ध्यान से भरें।

प्रश्न 4: बैंक डिटेल्स में क्या सावधानी रखनी चाहिए?

बैंक अकाउंट सिर्फ उम्मीदवार, उनके पिता या माता के नाम का होना चाहिए। जनधन खाते में रिफंड आने में दिक्कत हो सकती है।

काउंसलिंग फीस की सामान्य जानकारी

अलग-अलग यूनिवर्सिटी और कोर्स के अनुसार काउंसलिंग फीस अलग-अलग होती है। नीचे कुछ प्रमुख काउंसलिंग बोर्ड की सामान्य फीस संरचना दी गई है, ताकि आप पहले से बजट बना सकें। ध्यान रहे कि यह फीस समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखें।

काउंसलिंग अनुमानित फीस
UP B.Ed. JEE काउंसलिंग₹750 रजिस्ट्रेशन + ₹5000 एडवांस इंस्टीट्यूट फीस
UPTAC / AKTU काउंसलिंगलगभग ₹1000 रजिस्ट्रेशन फीस
DU CSAS काउंसलिंगयूनिवर्सिटी द्वारा तय की गई नाममात्र रजिस्ट्रेशन फीस

रिजर्वेशन और कैटेगरी के अनुसार सीट अलॉटमेंट

भारत में ज्यादातर सरकारी यूनिवर्सिटीज़ की काउंसलिंग प्रक्रिया में रिजर्वेशन नीति का पालन किया जाता है। सामान्य वर्ग के साथ-साथ SC, ST, OBC, EWS और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए तय प्रतिशत में सीटें आरक्षित होती हैं। आवेदन के समय अपनी सही कैटेगरी चुनना और मान्य प्रमाण पत्र अपलोड करना बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द भी हो सकता है। EWS सर्टिफिकेट के लिए अक्सर हर साल नया सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी होता है, इसलिए पुराने सर्टिफिकेट पर भरोसा न करें और समय रहते नया सर्टिफिकेट बनवा लें।

काउंसलिंग के बाद क्लासेस कब शुरू होंगी

आमतौर पर काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने और सभी राउंड्स में एडमिशन कन्फर्मेशन के बाद जुलाई के अंत से अगस्त के बीच नया शैक्षणिक सत्र शुरू होता है। कुछ यूनिवर्सिटीज़ में ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किया जाता है, जहां नए छात्रों को कैंपस, फैकल्टी और कोर्स स्ट्रक्चर की जानकारी दी जाती है। इसलिए एडमिशन कन्फर्म होते ही अपनी संबंधित यूनिवर्सिटी की अकादमिक कैलेंडर जरूर चेक कर लें, ताकि क्लासेस शुरू होने की सही तारीख पता चल सके और आप समय पर तैयारी कर सकें।

और सवाल जवाब

प्रश्न 5: क्या एक साथ कई यूनिवर्सिटी की काउंसलिंग में भाग लिया जा सकता है?

हां, अगर आपने अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं दी हैं और आप पात्रता पूरी करते हैं, तो आप एक साथ कई यूनिवर्सिटीज़ की काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। हालांकि अंतिम एडमिशन सिर्फ एक ही जगह लिया जा सकता है।

प्रश्न 6: अगर एडमिशन फीस जमा करने के बाद कॉलेज बदलना हो तो क्या होगा?

अगर अपग्रेड या मिड एंट्री विंडो में बेहतर कॉलेज मिल जाए, तो आप अपना एडमिशन अपग्रेड कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए यूनिवर्सिटी की तय प्रक्रिया और नियम-शर्तें ध्यान से पढ़ें।

प्रश्न 7: काउंसलिंग के दौरान इंटरनेट या पोर्टल में दिक्कत आए तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय संबंधित यूनिवर्सिटी के हेल्पलाइन नंबर या ईमेल पर तुरंत संपर्क करें। ज्यादातर काउंसलिंग पोर्टल पर तकनीकी सहायता के लिए अलग से हेल्पडेस्क की सुविधा दी जाती है।

निष्कर्ष

जुलाई 2026 का यह महीना लाखों छात्रों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसी दौरान देश की कई बड़ी यूनिवर्सिटीज़ की काउंसलिंग प्रक्रिया एक साथ चल रही है। चाहे आप DU, BHU, UPTAC या UP B.Ed. किसी भी काउंसलिंग का हिस्सा हों, समय पर रजिस्ट्रेशन, सही डॉक्यूमेंट और सोच-समझकर की गई च्वाइस फिलिंग ही आपको आपके सपनों के कॉलेज तक पहुंचा सकती है। हम आपको सलाह देंगे कि आधिकारिक वेबसाइट पर रोज़ाना अपडेट चेक करते रहें और किसी भी डेडलाइन को मिस न करें। अगर यह जानकारी आपके लिए उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें, जिससे उन्हें भी सही समय पर सही जानकारी मिल सके।

नोट: सभी तारीखें और जानकारी संबंधित यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। अंतिम और पुष्ट जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल जरूर चेक करें, क्योंकि तारीखों में बदलाव की संभावना रहती है।

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