हाथी और चींटी |

एक विशाल जंगल में एक हाथी रहता था जिसे अपनी शक्ति पर बहुत घमंड था। वह अक्सर छोटे जानवरों को परेशान करता था। एक दिन उसने एक छोटी चींटी को देखा और उसका मज़ाक उड़ाते हुए कहा, "तुम कितने तुच्छ हो! मेरे एक पैर के नीचे आकर तुम्हारा अस्तित्व समाप्त हो सकता है।"

चींटी ने शांत रहकर उत्तर दिया, "आकार ही सब कुछ नहीं होता।" उसने हाथी को चुनौती दी। अगले दिन, जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, चतुर चींटी फुर्ती से हाथी की सूंड के अंदर घुस गई और उसे काटने लगी। हाथी दर्द और खुजली से बेहाल हो गया। वह ज़मीन पर लोटने लगा और चींटी से माफी मांगने लगा।

हाथी को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सीखा कि हर प्राणी का अपना महत्व होता है।

नैतिक शिक्षा: किसी को छोटा समझकर उसका अपमान नहीं करना चाहिए.


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