कॉलेज का 'हिडन' सिलेबस: लाइफ के 6 कड़वे सच"
कॉलेज का 'हिडन' सिलेबस: लाइफ के 6 कड़वे सच"
कॉलेज सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं है। यहां लोगो के इमोशन्स व 'गेम्स' भी समझने पड़ते हैं। कुछ बाते इतनी खामोश होती हैं कि पता ही नहीं चलता कब हम फंस गए। ये 7 बातें गांठ बांध लो यदि जिन्दगी
.में सफल रहना है :
1. हर 'हां' करने वाला वफादार नहीं होता
सीधी बात: जो दोस्त तुम्हारी हर बात पर "भाई तू सही बोल रहा है"
कहे, ज़रूरी नहीं वो तुम्हारा अपना हो।
कड़वी सच्चाई: कई लोग सिर्फ तुम्हारे करीब आने के लिए,तुम्हारे प्लान, सीक्रेट्स और दोस्तों का accessलेने के लिए हां में हां मिलाते हैं।
2. अचानक 'इग्नोर' करना भी एक चाल है
सीधी बात: कल तक जो घंटों चैट करता था, आज सीन करके छोड़ दे रहा है।
कड़वी सच्चाई: इसे Cold Behaviour कहते हैं। ये एक ट्रिक है जिससे सामने वाला तुम्हें अपनी गलती ढूंढने पर
मजबूर कर देता है। तुम सोचते हो "मैंने क्या गलत किया?" जबकि गेम वो खेल रहा है।
3. जो कमजोरी सुनकर चुप रहे, उससे सावधान
सीधी बात: तुमने अपना डर, नाकामी बताई और वो बस "अच्छा" बोलकर चुप
हो गया।
कड़वी सच्चाई: सच्चा दोस्त या तो हिम्मत देगा या मदद करेगा। जो सिर्फ सुनकर
खामोश रहता है, वो अक्सर लड़ाई होने पर तुम्हारी उसी कमजोरी से तुम्हें नीचे गिराता है।
4. लोग तुम्हारी फीलिंग नहीं, तुम्हारा रिएक्शन देखते हैं
सीधी बात: तुम अंदर से दुखी हो, पर किसी को फर्क नहीं पड़ता जब तक तुम
दिखाओगे नहीं।
कड़वी सच्चाई: दुनिया को तुम्हारे इमोशन्स से मतलब नहीं है। वो नोट करती है
कि क्लास में बेइज्जती होने पर तुम रोते हो या हंसकर टाल देते हो। उसी से वो
तुम्हारे weak points ढूंढते हैं।
5. सबसे खतरनाक होती है 'खामोशी'
सीधी बात: उसने झगड़ा नहीं किया, कुछ बोला नहीं, बस चुप हो गया। और अब तुम्हारा दिमाग
घूम रहा है।
कड़वी सच्चाई: ये Dangerous Silence है। जब जवाब नहीं मिलता तो हमारा दिमाग खुद से
कहानियां बनाता है - "लगता है मेरी ही गलती है"। और इसी गिल्ट में हम
कंट्रोल उसके हाथ में दे देते हैं।
6. बार-बार कन्फ्यूज़ करना = कंट्रोल का
खेल
सीधी बात: आज वो कहता है "तू टॉपर बनेगा",कल कहता है "तुझसे नहीं
होगा"।
कड़वी सच्चाई: अगर कोई तुम्हें लगातार कन्फ्यूज़ करता है,तो समझ लो मामला प्यार-दोस्ती का नहीं
है। मामला कंट्रोल का है। वो चाहता है कि तुम खुद पर शक करो,ताकि सारे फैसले वो ले।
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